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बदरीनाथ में आज होने वाले मातामूर्ति मेले के बारे में जाने- भगवान बदरीनाथ आज अपनी माता से मिलेंगे

बदरीनाथ में इस बार माता मूर्ति का मुख्य उत्सव आज 21 सितंबर के दिन मनाया जाता है  |  इसी दिन भगवान बदरीनाथ अपनी मां से मिलने की परम्परा को निभाने के लिए बदरीनाथ पुरी से मातामूर्ति मन्दिर जाएंगे। बदरीनाथ केदारनाथ मन्दिर समिति के पीआरओ डॉ. हरीश गौड़ ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 20 सितंबर को बदरीनाथ से कुछ दूरी पर स्थित माणा गांव से घंटाकर्ण जी महाराज बदरीनाथ पहुचेंगे। 



कल भारत  के अंतिम गॉव मन से भगवान घंटाकर्ण भगवान भगवान बदरीनाथ को न्योता देने पहुँचे थे ।और भगवान बद्रीनाथ को मातामूर्ती से मिलने का न्योता दिया। आज भगवान नर नारायण की चलविग्रह बद्रीनाथ धाम से मातामूर्ती रवाना होंगी।जो भगवान बदरीनाथ का प्रतिनिधित्व करेगी।कल सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर भगवान की डोली हजारों श्रदालुओं की उपस्थिति में को मातामूर्ती के लिये रवाना होगी।हजारो श्रदालु मेला देखने के लिये बदरीनाथ धाम में डेरा डाले हुये है।इस दिन भगवान नर नारायण अपने माँ के दर्शन व भोग पाते है।साल में एक दिन बावन द्वादसी को भगवान नर नारायण अपने माँ से मिलने जाते है।यहाँ पर सेना व आईटीबीपी का भंडारा भी  लगेगा।रावल धर्माधिकारी के अगुवाई में विशेष पूजा अर्चना होगी।भगवान को माणा के ग्रामीणों द्वारा हरियाली चढाई जायेगी।लगभग 5000 श्रदालुओ से अधिक श्रदालुओ की पहुचने की उम्मीद है|



मान्यता है कि वामन द्वादशी पर भगवान नारायण अपनी माता को मिलने वर्ष मे एक बार माता मूर्ति मंदिर पहुंचते हैं। उत्सव में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री भी पहुंचेगे। साथ ही विगत वर्षों की तरह गढ़वाल स्काउट और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) भंडारा आयोजित करेगी तथा कीर्तन-भजनों का आयोजन होगा।ऐसी जानकारी अपने मोबाईल में पाने के लिए हमारे साथ जुड़े रहे , हमारे सोसियल मिडिया ग्रुप को जॉइन करे | जॉइन करने के लिए क्लिक करे
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विश्व की सबसे बड़ी भारत के लोह पुरुष श्री सरदार पटेल की प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी साधू बेट सरदार सरोवर डेम के बारे में जानिए

सरदार पटेल नाम सुनते ही आज़ादी की रूह और हमारे देश भारत को गुलामी के दिन और सत्याग्रह याद आ जाते है | सरदार वल्लभ भाई पटेल जिनको भारत के लोह पुरुष के नाम से जाना जाता है , उनकी विश्व में सबसे बड़ी करीबन १८२ फिट ऊँची प्रतिमा गुजरात में सरदार सरोवरडेम के सामने नर्मदा नदी की गोद में साधू बेट पर बननेजा रही है |  सरदार सरोवर बांध के पास बन रही विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा जिसका नाम 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का निर्माण कार्य 25 अक्टूबर तक पूरा हो जाने की उम्मीद है।और सरदार पटेल कीजन्म जयंती ३१ अक्टूम्बर को उनका उद्घाटन नरेन्द्र मोदीजी के हाथो होगा  | आएये जानते है  स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के बारेमें कुछ रोचक बाते |


लोकेशन : साधू बेट ,केवड़ियाकोलोनी ,सरदार सरोवर डेम , नवागाम , भरूच
हाइट : 182 मीटर
अंदाजित खर्च : २९८९ करोड़ का प्रोजेक्ट
शुरुआत : २०१३ में गुजरात श्री नरेन्द्र मोदीजी ने इसकी नीव राखी थी
समय : ५ साल में तैयार हुआ
नजदीकी एरपोर्ट : नजदीकी हवाई अड्डा वडोदरा है जो ९० किमी की दुरी पर है |
नजदीकी रेलवे स्टेशन :नजदीकी रेलवे स्टेशन वडोदरा है जो ९० किमी की दुरी पर है |
बस और रोड द्वारा कैसे पहुचे : आप वडोदरा से ,राजपिपला,भरूच से प्राइवेट और पब्लिक वाहन की मदद से भी पहुच सकते है |

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के टिकट दर 

बस टिकट : 30 /-रु
एंट्री टिकट : 120 /- रु
12 वर्ष से छोटे बच्चे : 60/- रु
व्यूइंग गेलरी : 350 /-


स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सरदार पटेल के जीवन के बुलंद आदर्शो का प्रतिक है | सरदार सरोवर डेम से डेढ़ गुना ऊँचा और साधू बेत पर निर्माण पाने वाला पुरे विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा होगी | ये प्रतिमा अमेरिका के स्टेच्यु ऑफ़ लिबर्टी से भी दुगुना ऊँचा है | इस प्रतिमा को बनाने में देशभर से किशान ने  लोहा अर्पण किया है |जिसमे १८५०० मेट्रिक टन स्टील, २५००० मेट्रिक टन लोखंड और १९०० मेट्रिक टन काश्य धातुका उपयोग किया गया है |


इस प्रतिमा को देश-दुनिया में शिल्प कला की मिसाल के तौर पर भी पेश किया जाएगा |   इस शिल्प यानी प्रतिमा के पीछे शिल्पकार  हैं राम वी. सुतार | स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पद्मभूषण से सम्मानित 92 वर्षीय शिल्पकार राम वी. सुतार की कल्पना है और उन्होंने ही इस प्रतिमा को डिजाइन किया है |

इस प्रतिमा को इतनी मजबूत बनाई गई है की 6.5 तीव्रता की भूकंप और 220 की तेजी से आती हुई हवा में भी इनको कुछ नही होगा और टिक पाएंगी | इनका स्टक्चर भूकंप विरोधी बनाया गया है |

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के प्रमुख आकर्षण

➤कृषि,जन्व्यवास्थापन,पर्यावरण ,बायो टेकनोलोजी के विषय में प्रदर्शनी |
➤नर्मदा नदी में नौकाविहार करके स्मारक के अन्दर प्रवेश कर सकेंगे | 
➤सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन दर्शन का प्रदर्शन |
➤वेली ऑफ़ फ्लावर
➤लिफ्ट की मदद से सरदार की छाती तक जा कर सरदार सरोवर डेम और १७ किमी लम्बी फूलो की वेली देख सकेंगे |
➤७ मंजिल तक ऊँची लम्बाई मात्र सरदार के मुख की |
➤७० फिट लम्बे सरदार के हाथ और ८५ फिट से ज्यादा पैर|
➤१ व्यक्ति से बड़ी बड़ी आखे और होठ |

वेली ऑफ़ फ्लावर

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के प्रमुख आकर्षण में वेली ऑफ़ फ्लावर आता है | वेली ऑफ़ फ्लावर करीबन 17 किमी तक बनायीं गई है , जो कुदरती इन्द्रधनुष के रंगों से रंगों की नजाकत से प्रवासियो को आकर्षित करती है | जिसमे फूलो के पौधे जैसे की गरमालो (लाल और पिला ), चंपो (सफ़ेद), खाखरो (लाल),पोंगारो (लाल),गलतोरा (लाल और पिला ),बोगनवेल (लाल,सफ़ेद,पिला,गुलाबी ),बॉस ,गलगोटा ,गुलाब,सूर्यमुखी ,विंका ,जैसे १०० प्रजाति जैसे फुल के पौधे लगाये जायेंगे | यहाँ कमल और पोयना के दो सुन्दर तलब भी बनाये गए है |


और भी इसके बारे में हम माहिती उपलोड करेंगे आप हमारे साथ जुड़े रहिये | जैसे ही इसका अनावरण होगा हम आपकोइनके बारे में ज्यादा जानकारी देंगे| ऐसी जानकारी अपने मोबाईल में पाने के लिए हमारे साथ जुड़े रहे , हमारे सोसियल मिडिया ग्रुप को जॉइन करे | जॉइन करने के लिए क्लिक करे
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